परिचय
गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप या गेस्टेशनल हाइपरटेंशन (Gestational Hypertension) एक सामान्य समस्या है, जो लगभग 10% गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है।
यह आमतौर पर अस्थायी होती है और बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाती है, लेकिन इसका सही प्रबंधन करना बहुत ज़रूरी है ताकि मां और बच्चे दोनों को किसी भी जटिलता से बचाया जा सके।
1️⃣ गेस्टेशनल हाइपरटेंशन के कारण
गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त की मात्रा और हार्मोनल परिवर्तन बढ़ जाते हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं के कार्य पर प्रभाव पड़ता है। यही परिवर्तन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकते हैं।
कुछ जोखिम कारक (Risk Factors) इस समस्या की संभावना बढ़ा सकते हैं, जैसे:
- मोटापा (Obesity)
- परिवार में उच्च रक्तचाप का इतिहास
- उम्र 35 वर्ष से अधिक होना
- पहली बार गर्भधारण करना
2️⃣ ब्लड प्रेशर की नियमित जांच
गेस्टेशनल हाइपरटेंशन को नियंत्रित रखने का पहला कदम है ब्लड प्रेशर की नियमित जांच।
- आप घर पर ब्लड प्रेशर मॉनिटर की मदद से इसे ट्रैक कर सकती हैं।
या फिर नियमित प्रेगनेंसी चेकअप के दौरान डॉक्टर से माप करवा सकती हैं।
इससे समय पर बदलावों का पता चल जाता है और आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
3️⃣ जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)
कुछ साधारण जीवनशैली सुधार इस स्थिति को नियंत्रित करने में बहुत मदद करते हैं:
✅ स्वस्थ आहार अपनाएं:
- अपने भोजन में फल, सब्ज़ियां, साबुत अनाज, और प्रोटीन शामिल करें।
- नमक और तले हुए भोजन का सेवन कम करें।
🚶♀️ नियमित व्यायाम करें:
- हल्की सैर (Walking) या तैराकी (Swimming) जैसी गतिविधियाँ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं।
- व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
🧘♀️ तनाव को नियंत्रित करें:
- योग, ध्यान (Meditation), या गहरी साँस लेने जैसी तकनीकें मानसिक शांति और ब्लड प्रेशर दोनों को नियंत्रित रखती हैं।
4️⃣ दवा का उपयोग (Medication)
कुछ मामलों में, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए दवाओं की आवश्यकता होती है।
डॉक्टर की सलाह से ही सही दवा और उसकी मात्रा तय करनी चाहिए।
गर्भावस्था में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली कुछ सुरक्षित दवाएँ हैं:
- लो-डोज़ एस्पिरिन (Low-dose Aspirin)
- कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स
- कुछ विशेष ब्लड प्रेशर की दवाएँ
हर दवा का प्रभाव अलग होता है, इसलिए अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से पूरी जानकारी लेकर ही दवा शुरू करें।
5️⃣ नियमित चेकअप और जटिलताओं की पहचान
गेस्टेशनल हाइपरटेंशन के साथ गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रेगनेंसी चेकअप कराना बहुत जरूरी है ताकि किसी गंभीर समस्या को समय रहते पहचाना जा सके।
संभावित जटिलताएँ (Complications):
- प्री-टर्म लेबर (Preterm Labor)
- प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia)
- बच्चे का विकास रुकना (Fetal Growth Restriction)
प्रीक्लेम्पसिया एक गंभीर स्थिति होती है जिसमें उच्च रक्तचाप के साथ अंगों को नुकसान पहुंचता है।
इसके लक्षणों में शामिल हैं:
- अचानक वजन बढ़ना
- तेज़ सिरदर्द
- धुंधला दिखना या दृष्टि में बदलाव
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
6️⃣ समय से पहले डिलीवरी की संभावना
कुछ गंभीर मामलों में डॉक्टर जल्द प्रसव (Early Delivery) की सलाह दे सकते हैं।
यह तब किया जाता है जब मां का ब्लड प्रेशर बहुत अधिक हो जाए या बच्चे के स्वास्थ्य को खतरा हो।
ऐसी स्थिति में लेबर को इंड्यूस किया जा सकता है या सी-सेक्शन द्वारा डिलीवरी कराई जाती है।
निष्कर्ष
गेस्टेशनल हाइपरटेंशन एक सामान्य लेकिन संवेदनशील स्थिति है।
सही निगरानी, जीवनशैली में सुधार, और नियमित डॉक्टर की सलाह से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
सावधानी और समय पर जांच के साथ, महिलाएं एक स्वस्थ गर्भावस्था और सुरक्षित प्रसव का अनुभव कर सकती हैं।
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